प्रायोजित स्वच्छता अभियानों का कूड़ा-करकट
न्यूज़ चैनलों पर दो अक्टूबर का नज़ारा अद्भुत था। सब पर सफ़ाई किसी सनक की तरह सवार थी। कोई पाँच …
न्यूज़ चैनलों पर दो अक्टूबर का नज़ारा अद्भुत था। सब पर सफ़ाई किसी सनक की तरह सवार थी। कोई पाँच …
बहुत से लोग हैरान हैं कि मीडिया को हो क्या गया है कि वह इस तरह से बढ़-चढ़कर युद्धोन्माद फैलाने …
दिल्ली के बर्खास्त मंत्री संदीप कुमार से जुड़ी सीडी में कितनी सचाई है, इसका फ़ैसला तो जाँच के ब…
अरुणाचल प्रदेश में फिर से संवैधानिक संकट खड़ा होता नज़र आ रहा है। राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोव…
ये अभूतपूर्व भी है और विचलित करने वाला भी कि किसी देश का राष्ट्राध्यक्ष किसी दूसरे देश के राष्ट…
पहले एक चैनल पर ख़बर चली फिर धीरे-धीरे तमाम चैनलों पर चलने लगी। लगभग जैसी भाषा में शब्दों में म…
फ्रांस के प्रधानमंत्री मैनुअल वाल्स के इस बयान की चौतरफा निंदा हो रही है कि हिजाब से बेहतर स्त…
क्या किसी पत्रकार का राजनीति में आना गुनाह है? क्या ये उसका लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है कि वह रा…
कन्नड़ अभिनेत्री और काँग्रेस नेता रम्या ने कहा है कि वे माफ़ी नहीं मांगेंगी। उन्हें माफी माँगना…
चौतरफा आलोचना के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत भले ही सफाई देते फिरें कि उन्हों…
संपादकीय स्वतंत्रता आज के दौर में एक मिथ है, मिथ्या है। पूरी दुनिया जानती है कि संपादक नामक संस…
अभी हाल में 2016 का समकालीन युवा कविता का सबसे प्रतिष्ठित और बहुचर्चित भारत भूषण अग्रवाल पुरस्क…
शोभा डे अँग्रेजी की लोकप्रिय लेखक हैं, मशहूर स्तंभकार हैं। लेकिन उनमें सुर्ख़ियों में बने रहने …