बिहार में इस बार चलेगा तेजस्वी का जादू? Video Included

 बिहार में इस बार चलेगा तेजस्वी का जादू? Video Included

Dare to Dream: Can Tejaswi's Magic Seal the Deal for Mahagathbandhan in Bihar?

दोस्तों 

इस बार बिहार के चुनाव में अगर कोई नायक बनकर हीरो बनकर उभर रहा है तो वह है तेजस्वी यादव, आप जानते हैं कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने हंगामा कर दिया था उनकी रैलियों में जबरदस्त भीड़ उमड़ती थी 

Dare to Dream: Can Tejaswi's Magic Seal the Deal for Mahagathbandhan in Bihar?


और अंततः उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी इस बार भी ठीक वही माहौल दिख रहा है बिहार में अगर किसी नेता के रैलियों में भीड़ जुट रही है और अंधा धुंद भीड़ जुट रही है तो वह तेजस्वी यादव है 

यहां तक कि मोदी अमित शाह नीतीश कुमार इन सब की रैली में भीड़ जुटाई जाती है वो जो भीड़ आती भी है वह उतनी स्वतः स्फूर्त ढंग से रिएक्ट नहीं करती, रिस्पांस नहीं करती है जो कि तेजस्वी यादव की रैली में दिखाई दे रहा है 

Video Included


इसकी कई वजह एक तो आप यह समझिए कि नितीश कुमार का ग्राफ लगातार नीचे गिरते गिरते बहुत नीचे चला गया है अब उनका कोई आकर्षण नहीं रह गया उनका जो करिश्मा था जो उनका जादू था वो पूरी तरह से खत्म हो चुका है 

और ऐसे में एक वैक्यूम क्रिएट हो गया है बिहार की राजनीति में और उसमें केवल एक कोई बड़ा नेता उभरता हुआ दिख रहा है तो वोह तेजस्वी यादव है दूसरी बात इसकी यह है दूसरा पक्ष कि नरेंद्र मोदी 5 साल पहले तक आकर्षण का विषय हुआ करते थे 

लेकिन अब उनका भी आकर्षण खत्म हो गया है उनके भी करिश्मा में दम नहीं रह गया है उनका भी जादू अब काम नहीं कर रहा है तो ठीक है उनके पास पैसा है साधन है सरकारी मशीनरी है और राज्य सरकार का भी दमखम है बीजेपी का भी संगठन है इसकी वजह से उनकी रैलियों में भीड़ तो आ जाती है लेकिन वो भीड़ जिंदा नहीं होती है 

वो भीड़ वोट देने वाली नहीं होती है उस भीड़ में मोदी को लेकर जो पहले आकर्षण होता था वो बिल्कुल भी नहीं रहता है पहले मोदी आते थे तो नारे लगने शुरू हो जाते थे मोदी मोदी मोदी मोदी अब वह बिल्कुल भी नजर नहीं आता है प्रधानमंत्री आते हैं भाषण देते हैं बहुत उत्तेजित करने की कोशिश करते हैं 

और पढ़ें
 फंस गए मोदी, अब फ्लोटिंग वोटर्स करेंगे फ़ैसला?

अपनी तरफ से ड्रामा करने की कोशिश करते हैं कुछ कम्युनल कार्ड खेल के उकसाने की कोशिश करते हैं लेकिन वह काम आता नहीं है वह असर करता नहीं है और बिना कोई प्रभाव छोड़े उनकी रैली खत्म हो जाती है 

तो जिन दो स्टार्स पर बिहार में बीजेपी डिपेंड कर रही थी वो दोनों स्टार जो हैं फ्लॉप हो चुके हैं नितीश कुमार भी और नरेंद्र मोदी भी जहां तक दूसरे स्टार्स की बात है बीजेपी के शीर्ष नेताओं में अमित शाह कभी भी उस तरह के करिश्माई नेता नहीं रहे जिनको लेकर लोगों में उत्साह होता हो ना ही जेपी नड्डा है 

योगी आदित्यनाथ में जरूर कुछ है लेकिन वो वो भी अब खत्म होता जा रहा है और बिहार में तो उसका कोई असर ही नहीं है तो ये ये जो नया सिनेरियो बन रहा है राजनीतिक परिदृश्य बन रहा है चुनावी परिदृश्य बन रहा है वो क्या गुल खिलाएगा इस चुनाव में 

क्या तेजस्वी का आकर्षण तेजस्वी का करिश्मा तेजस्वी के प्रति लोगों का उत्साह जो उमड़ कर दिख रहा है वो क्या वोटों में तब्दील होगा क्या वो सीटें जिताने में मददगार साबित होगा 

Please also visit for news and interviews and other Hindi Videos at:

YouTube: https://www.youtube.com/deshkaal Facebook: https://www.facebook.com/deshkaalindia Instagram: https://www.instagram.com/deshkaalmk Twitter: https://www.twitter.com/deshkaal

आरजेडी को भी और उसके दूसरे गठबंधन सहयोगियों को भी ये एक ऐसा क्वेश्चन है जिसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है लेकिन जिस तरह का गठजोड़ बना लिया है तेजस्वी यादव आरजेडी ने महागठबंधन ने उसमें एक स्फूर्ति है और एक चीज और अगर उधर मोदी जी का ग्राफ गिरा है तो इधर राहुल गांधी का ग्राफ ऊपर चढ़ा है

राहुल गांधी का आकर्षण बढ़ा है राहुल गांधी न्याय यात्रा के तहत बिहार भी गए थे और उन्हें अच्छा रिस्पांस मिला था तो राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गा प्रदेश के स्तर पर तेजस्वी यादव यह जो जोड़ी बन रही है जैसे उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और राहुल गांधी की बन रही है और उसका असर हो रहा है वैसे ही बिहार में इस तरह का एक माहौल बन रहा है 

जिसमें इन दोनों को लेकर लोगों में एक आकर्षण है और यह जो मुद्दे उठाए हैं चाहे तेजस्वी यादव बेरोजगारी का मुद्दा उठा रहे हैं और बता रहे हैं कि उन्होंने किस तरह से जब वो मुख्यमंत्री थे तो इतने लाख रोजगार पैदा किए और वह आंकड़े हैं उसके सही फैक्ट है तो वह काम कर रहा है उसी तरह से जो कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र है न्याय पत्र है 

उसका आकर्षण है जातीय जनगणना का सवाल बहुसंख्यक आबादी को पिछड़ों दलितों को लुभा रहा है वह काम कर रहा है तो कुल मिलाकर एक ऐसा कॉमिनेशन बिहार में बनता दिख रहा है राहुल तेजस्वी की जोड़ी के साथ एक जो मुद्दे उठाने को लेकर और जनता में जो एक खालीपन शून्य बना है बिहार में बिहार की राजनीति में उसको यह दोनों जिस तरह से भर रहे हैं 

उससे महागठबंधन की जो संभावनाएं हैं वह बढ़ती जा रही है हालांकि 4 तारीख को ही पता चलेगा कि असल में क्या होने जा रहा है 

बहुत बहुत शुक्रिया, आपका धन्यवाद


बिहार में इस बार चलेगा तेजस्वी का जादू? 

आर्टिकल by डॉ. मुकेश कुमार

Prof.(Dr.) Mukesh Kumar
[Sr. Journalist, TV anchor, Writer]

Previous Post Next Post