पीस के लिए यूएस दोनों कंट्री को वेपन देने के लिए फुल रेडी है-ओबामा


संपादकजी ने मुझे अमरीका भेजा था हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रम्प की चुनावी बहसों के कवरेज के लिए मगर जब भारतीय फौज ने सर्जिकल स्ट्राइक की तो उनका हुकुम हुआ कि सब छोड़कर ओबामा से बात करो। अब अमेरिका का राष्ट्रपति तीसरी दुनिया के देशों का प्रधानमंत्री तो होता नहीं है कि किसी भी चैनल के एडिटर को बुलाया और मन की बात कह दी, ख़ास तौर पर ऐसे मौक़े पर जब पूरी दुनिया का ध्यान भारत-पाक सरहद पर ही लगा हो। लिहाज़ा मेरे तो हाथ-पैर फूल गए। फिर भी मरता क्या न करता। पहुँच गया व्हाइट हाऊस। कार्ड दिखाकर किसी तरह अंदर पहुँचा और पर्सनल स्टाफ के सामने गिड़गड़ाते हुए अपनी रिक्वेस्ट रख दी। संयोग की बात थी कि जो बंदे पिछली बार मुझे दिल्ली के मेरे घर से उठाकर ओबामा का इंटरव्यू कराने ले गए थे, उनमें से दो वहाँ मौजूद थे। उन्होंने मुझे पहचान लिया और अफसर के कान में कुछ फुसफुसाया। अफसर ने मेरी ओर संदेह की नज़र से देखा और फिर फोन करने लगा। दूसरी तरफ से जाने क्या कहा गया, उसने तुरंत मुझे मुस्टंडों के हवाले कर दिया और वे मुझे लेकर अंदर चले गए। पहले तो मैं घबराया कि कहीं ये नामुराद मुझे ग्वांटोनामो या अबु ग़रीब न ले जाएं, मगर बाद में समझ में आ गया कि ये तो मुझे ओबामा के पास ही ले जा रहे हैं।

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मैं मानकर चल रहा था कि इंडो-पाक बॉर्डर पर टेंसन का असर ओबामा पर ही हुआ होगा और वे न्यूक्लियर वॉर से निपटने की स्ट्रेटजी बनाने के लिए टेंसना रहे होंगे। मगर ऐसा कुछ नहीं था। उन्होंने हँसते हुए हाथ मिलाया और पिछले एनकाउंटर की तारीफ़ करने लगे। उन्होंने बताया कि उसे उन्होंने गूगल से ट्रांसलेट करके पढ़ा था और उन्हें बड़ा मज़ा आया था। चाय-पानी के बाद मैंने सवाल शुरू किए-


ओबामा साहब, इंडिया-पाकिस्तान आपसे में लड़ रहे हैं मगर आप तो बहुत रिलेक्स दिख रहे हैं, ऐसा क्यों?
डोंट वरी, सिचुएशन कंट्रोल में है। दोनों को समझा दिया है कि थोड़ा-थोड़ा फाइट करने का, वार नईं करने का

यू मीन, दोनों झूठमूठ का लड़ाई लड़ रहा है?
ओह नो ओह यस। क्या है न कभी पाकिस्तान का पीपल बोलता फाइट करो तो उसको करना पड़ता, कभी इंडिया का लोग बोलता हमको फाइट माँगता तो उसको करना पड़ता। अम भी बोला कर लो मगर लिमिट में होना।

बट दिस इज़ रांग मि. ओबामा। अगर आपका दोनों कंट्री पर इतना कंट्रोल है तो आपको रोकना चाहिए न उनको?
सी, दिस इज़ नॉट माई जॉब।

क्यों? आप तो दुनिया भर में चौधराहट करते फिरते हो, हर जगह दरोगा बन जाते हो?
यू आर राइट। बट क्या है न यूएस का पॉलिसी है कि जिधर में उसका फायदा हो उधर में इंटरवीन करने का।

लेकिन आप तो इंडिया का दोस्त हैं?
यस मैं इंडिया का फ्रैंड, बट पाकिस्तान भी हमारा फ्रैंड।

मोदीजी आपसे कितना मोहब्बत करते हैं यू नो। सपने में भी आपको देखते हैं?
यस, यस, ही टोल्ड मी अबाउट इट। ही लव्स मी ए लॉट। बट दोस्ती अपनी जगह एंड बिजनेस अपनी जगह। आई हैव टोल्ड यू लॉस्ट टाइम एज़ वेल।


जी, जी, मुझे याद है, मगर मुझे लगा कि शायद पीस के मामले में आपकी पॉलिसी कुछ अलग हो?
सी पीस वीस इज़ ऑल राइट। यस हम पीस माँगता, पूरी दुनिया में पीस मांगता, मगर ऐसा हुआ तो एमेरिका का क्या होगा?

क्या होगा मतलब?
मतलब ये कि एमेरिका मतलब वेपंस इंडस्ट्री। हम हथियार बनाता और बेंचता। इसलिए, वार इज़ ऑल्वेज़ अ गुड न्यूज़ फॉर एमेरिका। 

क्या बात कर रहे हैं आप?
यस आई एम टेलिंग यू अ बिटर ट्रूथ। यूएस का इकॉनामी वार इंडस्ट्री से चलता है। जितना वार होगा उतना हमारा इंडस्ट्री को फायदा होगा और यूएस इकॉनामी स्टांग होगा। मोरओवर, वार के बाद में कंट्री जब बरबाद हो जाता तो यूएस का मल्टी नेशनल ही उनको रीबिल्ड करता है और खूब पैसा कमाता है इसलिए इट्रस बोथ वे बेनीफीशियल फॉर यूएस यू नो।

ओह तो इसलिए आप इतने खुश हैं?
यस। आई होप इससे हिलेरी को भी फ़ायदा होगा इलेक्शन में। वार होने से इकॉनामी बेटर होगा और उसका इफेक्ट इलेक्शन पर भी पड़ेगा। मेरी प्रेसीडेंसी का रिकॉर्ड भी बेटर हो जाएगा।

इसका मतलब आपके दोनों हाथों में लड्डू हैं?
लड्डू बोले तो?

एक तरह का स्वीट। मोदीजी ने आपको ज़रूर खिलाई होगी? 
ओह यस यस। मि. मोडी ऑफर्ड मी लास्ट टाइम। मुझको अच्छा नई लगता मगर क्या करे ऑफर किया तो खाना पड़ता। इतना बड़ा कस्टमर को नाराज़ नईं कर सकता न। एनी वे, आई वांट टू शेयर अ गुड न्यूड़ विथ यू। लेकिन ये ऑफ द रिकॉर्ड है, इसको लिखने का नईं।

जी बताइए न। लगता है सुलह का कोई रास्ता निकाल लिया है आपने?
नो, नो मिस्टर मुकेश। हम तुमको अभी बोला न यूएस पीस नईं वार चाहता है। गुड न्यूज़ ये है कि हमको अभी-अभी मोडी जी कॉल किया था। वो बोला हमको पाकिस्तान से लड़ने के लिए ढेर सारा वेपन चाहिए। हम बोला चिंता नईं करने का। हम आपका फ्रेंड मुसीबत के वक़्त मदद नईं करेगा तो कौन करेगा। हम उसको बोला कि तुमको चाइना से भी लड़ने को प्रिपेयर रहने का क्योंकि वो पाकिस्तान का फ्रेंड। जवाब में मोडी बोला कि हम ऑर्डर रिवाइज करके भेजेगा। आई होप, ऑर्डर वुड भी मच लार्जर नाऊ।

ये आपने अच्छा किया। लेकिन पाकिस्तान को हथियार मत दीजिएगा?
क्यों नईं देगा, वो भी यूएस का फ्रेंड। इंडिया और चाइना को चेक करने के लिए हमको उसका ज़रूरत। हमको उसका मदद करने का।

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तो इंडिया से कम हथियार दीजिएगा?
नो, नो हम ऐसा नहीं कर सकता। इन फैक्ट शरीफ हमको कल ही ऑर्डर भेजा। हम उसको बोला तुमको रूस से भी डेंजर है, तो उसने बोला कि वो ऑर्डर आज रिवाइज करके भेजेगा। आई होप, ऑर्डर वुड भी मच लार्जर नाऊ।

आई एम टोटली कन्फ्यूज्ड मि. ओबामा। मुझे समझ में नहीं आ रहा आप किसका दोस्त है, किसका दुश्मन?
यूएस सबका दोस्त है, बस जो उससे हथियार नहीं खरीदता उसका दुश्मन है। ये हमारा बिजनेस है, बिगेस्ट बिज़नेस। हम चाहता है वार हो, इसलिए सबको लड़ाता और लड़ने के लिए हथियार देता। यू सी, हम किसको हथियार नहीं दिया। यहाँ तक कि तालिबान को भी दिया, आईएस को भी दिया।

लेकिन उससे यूएस को नुकसान भी होता है न। आपको भी टेररिस्ट अटैक झेलना पड़ा?
एक-दो टेररिस्ट अटैक से क्या हुआ, कुछ नहीं। बल्कि उससे तो हमारा इंडस्ट्री को फायदा ही हुआ। वार अगेंस्ट टेरर के नाम पर हथियार मैन्यूफैक्चर और सप्लाई डबल हो गया।

ओह माई गॉड। ये तो धोखा है। आप बात करते हैं पीस की, मगर हर जगह वार करवाते हैं?
इसमें नया बात क्या है? बट आई मस्ट से दैट ये सिंपल सी बात थर्ड वर्ल्ड का कंट्री समझता ही नहीं। पक्का इडियट है सब। इंडिया भी इडियट, पाकिस्तान भी इडियट, छोटा सा बात समझता नईं। उनको इतना सा भी नहीं दिखता कि यूएस दुनिया में कहीं भी पीस कायम नईं कर सका। उल्टे हर जगह उसने कंट्री को आपस में लड़ाया। यहाँ तक कि अफगानिस्तान एंड इराक तक में जहाँ उसने अपना फोर्स भेजा था पीस एंड डेमोक्रेसी के वास्ते वहाँ भी वो फेल किया। फिर भी इंडिया एंड पाकिस्तान एक्सपेक्ट करता कि यूएस पीस कायम करे। एंड वन मोर थिंग। यू जर्नलिस्ट आर मोस्ट स्टूपिड पीपल।


(ओबामा की आख़िरी लाइन से मैं तिलमिला गया। मुझे लगा कि ये प्रेस की आज़ादी पर सीधा हमला है। लेकिन महाबली अमेरिका की ताक़त को समझते हुए मैंने हकलाते हुए कहा-ऐसा आप क्यों कह रहे हैं? 
ऐसा इसलिए कि आप लोग इतना भी नहीं समझते कि आपका गवर्नमेंट भी पीस नहीं चाहता। वो युद्ध चाहता है, क्योंकि उनकी पॉलिटिक्स को वही सूट करता है। अवाम को बुद्धू बनाने के लिए वो ये खेल खेलता है मगर तुम लोग पब्लिक को ये सब बताता नहीं है, बस जो तुम्हारा गवर्नमेंट बोलता है उसको तोता के माफ़िक रटता रहता है।

चलिए हम लोग इडियट हैं, आप तो इतना समझदार हैं, महाबली हैं। आपको हथियारों का ऑर्डर तो मिल ही गया है। आप बस सीआईए के ज़रिए पाकिस्तान में छुट्टा घूम रहे कुछ आतंकवादियों को मरवा दीजिए। इसी से काम हो जाएगा। युद्ध नहीं होगा। इंसानियत के नाते आपको इतना तो करना ही होगा?
तुम फिर वही राग अलापने लगे.....(ओबामा को गुस्सा आ गया था, उनकी आवाज़ में से मिठास गायब हो गई और वह तेज़ हो गई) आई टोल्ड यू दैट यूएस को वार चाहिए। यूएस चाहता है कि इंडिया का इकॉनामी भी टूटे, दस-बीस साल पीछे चला जाए। वह खुद को सुपर पॉवर समझने लगा है। एक वार उसको औकात में ला देगा।

इतना कहने के बाद ओबामा ने मुस्टंडो की ओर देखा। मुस्टंडों ने धीरे से मेरी बाहें पकड़ीं और मुझे बाहर तक छोड़ आए।


पीस के लिए यूएस दोनों कंट्री को वेपन देने के लिए फुल रेडी है-ओबामा
For peace, USA is fully ready to supply of weapons to both countries.

Written by-डॉ. मुकेश कुमार












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Everyone knows weather Sangh killed Gandhi or not- Rahul Gandh

वैधानिक चेतावनी - ये व्यंग्यात्मक शैली में लिखा गया काल्पनिक इंटरव्यू है। कृपया इसे इसी नज़रिए से पढ़ें।
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