हँसिए मत, मेरी सुपाड़ी दी जा चुकी है जी-केजरीवाल



ट्वीटर से लेकर फेसबुक तक और रेडियो, टीवी से लेकर अख़बारों तक दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मज़ाक बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी हत्या करवा सकते हैं वाले बयान पर हर जगह चुटकियाँ ली जा रही हैं। कुछ इसे उनकी ड्रामेबाज़ी से जोड़ रहे हैं तो कुछ को लग रहा है कि वे ज़रूरत से ज़्यादा खौफ़ज़दा हो गए हैं। ज़ाहिर है कि केजरीवाल इससे दुखी हैं और मीडिया पर नाराज़ भी। सोशल मीडिया की अपनी टीम को उन्होंने इसीलिए टॉनिक के इंजेक्शन देकर मोर्चे पर तैनात भी कर दिया है। आशुतोष, दिलीप पांडे, संजय सिंह वगैरा तो ख़ैर लगे हैं ही।

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उनके घर पर पहुँचा तो देखा केजरीवाल अपनी किचेन कैबिनेट यानी मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास और सजय सिंह के साथ खिचड़ी पकाने में लगे हुए थे। दूर से मुझे देखकर पहले थोडा सहमे कि कहीं मोदीजी ने मुझे उनकी हत्या के लिए न भेजा हो, मगर जब करीब आने पर पहचान लिया और राहत की साँस लेते हुए अपना सिर मेरे कंधे पर रख दिया। मुझे लगा कि वे सचमुच में तनाव में हैं। और तनाव में क्यों न हों बंदे की नाक में दम कर कर रखा है दिल्ली पुलिस, एलजी और केंद्र सरकार ने। ऊपर से ये हत्या की आशंका। मुझे केजरीवाल पर थोड़ी सी दया भी आई कि अच्छे भले बंदे पर इतना ज़ुल्म आख़िर क्यों ढाया जा रहा है।

बहरहाल, दया से नौकरी चलती नहीं। काम न हो तो आजकल के संपादक एक मिनट नहीं लगाते हटाने में और अगर वे चूक जाएं तो मालिक तो बिल्कुल भी नहीं बख्शते। इसलिए मेरा डर तो केजरीवाल से भी बड़ा है, क्योंकि किसी भी क्षण मेरा क़त्ल किया जा सकता है। लिहाज़ा, उनको सांत्वना देने के बाद मैंने सवालों का पिटारा खोल दिया।




केजरीवाल जी, ये क्या शिगूफा आपने फैला दिया है? ऐसा सनसनीखेज़ बयान देने की क्या ज़रूरत थी?
यहाँ मेरी जान पे बन आई है जी और आपको ये शिगूफा लग रहा है। मेरे चारों ओर मोदी जी के भेजे भाड़े के हत्यारे घूम रहे हैं, मुझे न दिन में चैन आता है न रातों को नींद और आप इसे इतने हल्के में ले रहे हैं जी। मुझे तो तरस आता है मीडिया पर। वह नॉन सीरियस चीज़ों को सीरियसली ले लेता है और सीरियस चीज़ को मज़ाक बना देता है। मोदी जी के जुमलों को हेडलाइन बनाकर चलाएगा और मेरी हत्या की ख़बरों को अंदर के पन्नों पर फेंक देगा। वाह जी कमाल करते हो आप लोग।

हेडलाइन तो आपकी भी ख़बर बनी थी। मगर आप ये तो मानेंगे न कि आपने जो कुछ कहा था उसमें सनसनी का तत्व था, सचाई कम थी?
अरे भाई ये सनसनीखेज़ सचाई है। आप लोग देखना-समझना नहीं चाहते तो मैं क्या करूँ। अच्छा ये बताइए कि क्या कभी किसी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री पर ऐसा आरोप लगाया है?

नहीं, इसीलिए तो लोगों को आपकी मंशा पर शक़ हो रहा है?
यही तो दिक्कत है जी आप लोगों के साथ। आप लोग फौरन लोगों की आड़ लेने लगते हो, जैसे सब लोग आपको कान में बताकर गए हों कि केजरीवाल तो जी ड्रामा कर रहा है। शक़ लोगों को नहीं मीडिया को हो रहा है, उस मीडिया को जिसे मोदी ने खरीद लिया है या फिर जिसे धमका रखा है जी। मुझे तो लोग कह रहे हैं कि आपने ठीक किया जी। इस आदमी का कोई भरोसा नहीं, किसी को भी हरेन पंड्या बना सकता है जी।

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देखिए केजरीवाल जी आप एक ज़िम्मेदार संवैधानिक पद पर हैं। क्या आपको शोभा देता है कि आप प्रधानमंत्री पर इस तरह के हल्के आरोप लगाएं?
ओहो, आप तो समझने के लिए राज़ी ही नहीं हो जी। अभी क्या आप मोदीजी या शाह जी के घर से होकर आ रहे हो? ज़रूर किसी ने आपका ब्रेन वॉश किया है इसीलिए मेरी बात आपके पल्ले ही नहीं पड़ रही।

केजरीवाल जी आप तो मुझे जानते हैं। न कोई मेरा ब्रेन वॉश कर सकता है और न ही कोई खरीद सकता है?
अजी आपने तो दिल पे ले लिया। मैं तो मीडिया की बात कर रहा था, जिसे केवल मोदी एंड कंपनी की बात समझ में आती है और दूसरों की बातें ड्रामा लगती हैं। मेरी बात को समझो जी, मुझे सचमुच में जान का ख़तरा है। मोदी जी मुझसे इतना हैरान-परेशान हैं और बदले की आग में इस कदर जल रहे हैं कि मुझे मरवाने पर आमादा हो सकते हैं।

आपसे परेशान हैं ये तो सबको पता है मगर मरवाने वाली बात समझ से परे है?
देखोजी आप गोडसे के भक्तों को जानते नहीं हो। इन्होंने किस तरह गाँधी को मारा ये सबको पता है। मुझे ट्वीटर पर इनकी आईटी सेल के एक बंदे ने बाकायदा गोली मारने की बात कही है। आप क्या इसे मामूली बात समझते हो। कोई मोदी भक्त आएगा किसी दिन और ठाँय करके चला जाएगा, तब समझ में आएगा आप लोगों को। अभी मेरे पर हँस रहे हो, तब समझ मे आएगा कि मैंने ग़लत नही कहा था। वैसे भी आप लोग हमेशा मेरी बात को पहले हँसकर उड़ाते हो, फिर मान लेते हो। हमने जब लोकपाल की माँग की थी, तब आप लोगों ने यही किया था। फिर जब हमने कहा था कि हम दिल्ली में सरकार बनाएंगे तब भी आपकी प्रतिक्रिया यही थी, मगर क्या हुआ ये तो याद है न।

अपने आरोप को पुष्ट करने के लिए एक ट्वीट के अलावा और क्या प्रमाण है?
प्रमाण ही प्रमाण है। मेरे टेलीफोन टैप किए जा रहे हैं। मेरे चारों तरफ दिल्ली सरकार के जासूस घूम रहे हैं। सीबीआई और एनआईए ने तो जाल बिछा रखा है। मेरे नाम की सुपड़ी ऑलरेडी दे दी है ये मुझे मेरे विश्वसनीय सूत्रों ने बताया है। मेरे दस एमएल्लए को बेबात पर जेल में ठूँस रखा है और एक दर्ज़न के ख़िलाफ़ साज़िश चल रही है। आप इनका मोडस आपरेंडी नहीं जानते जी। ये पहले चरित्र हत्या करते हैं और जब उसमें कामयाब नहीं होते तो फेक एनकाउंटर कर देते हैं। फेक एनकाउंटर आप वाला नईं, अमित शाह वाला। गुजरात का इतिहास आप देख लो, आपको सब समझ में आ जाएगा। मेरी चरित्र हत्या करने की इन लोगों ने बड़ी कोशिशें कीं, मगर कामयाब नहीं हुए तो हत्या पर उतर आए हैं।

लोगों को लगता है कि आप बेवजह हंगामा खड़ा कर रहे हो। मोदी जी के सामने आपकी हैसियत ही क्या जिसकी वजह से वे आपकी सुपाड़ी देने की हद तक चले जाएँगे?
लो जी, सारी रामायण ख़त्म हो ली और आप पूछ रहे हो रावण को किसने मारा। अरे भाई आप ही देखो ने पूरे देश में मोदी को कौन चैलेंज कर रहा है मेरे सिवा। राहुल सोनिया की तो कोई औकात ही नहीं रह गई है मेरे सामने। वे तो दर बदर भटक रहे हैं। अब यूपी में देखो उस बेचारी बुढ़िया को उतार दिया है। वो क्या कर लेगी वहाँ? ख़ैर ये उनकी पार्टी का मामला है। जहां तक मेरा सवाल है तो आप देखो पंजाब में आप जीत रही है और गोवा, गुजरात में भी हम काँग्रेस से आगे हैं। मोदीजी को ये चुभ रहा है। उन्हें लग रहा है कि अगर आम आदमी पार्टी इसी तरह से पॉपुलर होती गई तो 2019 में तो हिटलर बनने के उनके ख़वाब चकनाचूर हो जाएंगे।

फिर भी कहाँ मोदी और कहाँ आप?
चलो मान ली जी आपकी बात। मगर आप ये क्यों भूल जाते हो कि एक चींटी हाथी की जान ले सकती है और एक मच्छर के काटने से मलेरिया-डेगी हो जाता है, जिससे जान तक चली जाती है। आप मुझे मच्छर मान लो और समझ लो कि मैं दिन रात मोदी को काट रहा हूँ। क्या करेंगे मोदजी, बताइए आप? मैं आपको बताता हूँ। वे शाह को बुलाएंगे और बोलेंगे इसका एनकाउंटर कर दो। बस खेल ख़त्म। मैं इसी की बात इतनी देर से कर रहा हूँ और आप हैं कि समझ नहीं रहे या फिर आपके एडिटर ने समझा के भेजा होगा कि केजरीवाल की सुनियो जरूर मगर समझना मती।

इतने में संजय सिंह ने मोबाइल हाथ में पकड़ाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने किसी महिला से छेड़छाड़ के मामले में एक और एमएलए के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ कर लिया है। चैनल वाले आपसे बात करना चाहते हैं। केजरीवाल का चेहरा गुस्से से तमतमाने लगा। उन्होंने छूटते ही कहा- ये सब केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एलजी की साज़िश है जी दिल्ली सरकार को बदनाम करने की और फिर उसे किसी बहाने गिराने की। इस साज़िश में मेरी हत्या भी शामिल है जी। आप देख लो, ये सब मोदी-शाह द्वारा लिखी स्क्रिप्ट के हिसाब से हो रहा है जी।

मुझे लगा कि अब दिन भर यही चलेगा। केजरीवाल हर चैनल को बयान देंगे और फिर आशुतोष, संजय वगैरा प्रेस काँफ्रेंस करके मोदी पर हल्ला बोलेंगे। लिहाज़ा मैंने कलम-काग़ज़ सँभाला और उन्हें उनकी किचेन कैबिनेट के साथ छोड़कर चला आया।

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