रोमैंटिंक प्रेम का आख्यान: दिल वा...
जगदीश्वर चतुर्वेदी
मुंबई के मराठा मंदिर में 14 सालों से 'दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे' चल रही है। यह स्वयं में कीर्त्तिमान है। यह एकदम नए परिप्रेक्ष्य की फिल्म है। यह ऐसे समय में आयी थी...
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फिल्म संगीत की वह सुहानी ऋतु
-मुकेश कुमार-
फिल्म संगीत की ऐसी प्रभावशाली उपस्थिति हमारे जीवन में है कि लगता है मानो फिल्म संगीत हमारे सामाजिक व्यक्तित्व का आईना बन गया है। उसमें हम समाज की विभिन्न छवियाँ देख सकते हैं, उसके ...
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