सिर्फ साक्षर बनाने से कुछ नहीं होगा

मुंबई में बाशीनाका के पास रहने वाली 11 साल की चेन्या इसी इलाके के बाकी लोगों की तरह ही एक मजदूर परिवार से है। जहां चेन्या का बड़ा भाई पटेल...
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शिक्षा को मुनाफ़ाखोरों से तो आज़ाद करो

शिक्षा व्वस्था में बुनियादी बदलाव का ऐलान करके केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिबल को वाहवाही तो खूब मिली, लेकिन अब उन्हें अपने क...
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स्टिंग आपरेशन में सावधानी ज़रूरी

स्टिंग ऑपरेशन होने चाहिए और खूब होने चाहिए क्योंकि जनसत्ता, धनसत्ता और दूसरी तरह की सत्ताओं में फैले भ्रष्टाचार को बेनकाब करने का ...
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जब चला सरकारी डंडा, तो जोश पड़ा ठंडा

सरकारी दबाव के आगे अब सब न्यूज चैनल मिमियाने लगे है..टीआरपी के लिए कुछ भी करने वाले चैनल अब खबरों पर लौट आए है..हर चैनल पर खबर ज्यादा नजर...
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न्यूज़ चैनलों में न्यूज़ से ज्यादा विज्ञापनों की भरमार

टीवी न्यूज चैनलों पर विज्ञापनों की भरमार है चैनल पैसा कूट रहे है और टीआरपी रेंटिग को देखकर लगता है कि दर्शकों को भी न्यूज से ज्यादा विज्ञ...
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बराबर रही अंध विश्वास और ज्योतिष की जंग

सूर्यग्रहण हो या चंद्रग्रहण ..न्यूज चैनलों पर दोनों ही खूब देखे जाते है..लेकिन इस बार सूर्यग्रहण पर एक नई बात हुई..स्टार न्यूज ने ...
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बहस भी दिखती और बिकती है मगर बार बार नहीं

टीवी के न्यूज चैनलों में अब नए नए ट्रेंड देखने को मिल रहे है.. सूर्यग्रहण के दिन ज्योतिष और तर्कशास्त्रियो की बहस से शुरु हुआ बहस का दौर ...
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भाषा पर अज्ञानता का अतिक्रमण

अपने एक जूनियर, जिसकी ड्यूटी टिकर (जहां लिखे जाने वाले वाक्य और शब्द हर वक्त दिखते है) पर थी, के मुंह से ये सुनकर दंग रह गया कि अतिक्रमण ...
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राजनीति-फिल्मों की राह पर मीडिया

प्रभाष जोशी भन्नाए हुए हैं। उनका दर्द यह है कि पत्रकारिता में सरोकार समाप्त हो रहे हैं। हर कोई बाजार की भेंट चढ़ गया है। क्या मालिक और क्...
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राजनीतिक विज्ञापनबाज़ी का सफल प्रयोग

अमरीका और दिल्ली के विगत एक वर्ष में हुए चुनावों में युग का स्वर था – ‘चेंज’, यानी सकारात्मक परिवर्तन। दिलचस्प बात थी कि कैसे यह स्वर एक...
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लोभी-लालचियों के सच का बाज़ार

दुनिया भर में रियलिटी शो सनसनीखेज़ रहस्योद्घाटनों और विवादों को दम पर ही सफलता हासिल करते हैं, इसलिए सच का सामना का निर्माण करने व...
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विदेशी दिखाएंगे मुंबई हमले की असली दास्तान

क्या आपने कभी 26/11 के हमले को अंजाम देने वाले आंतकियों में से एकमात्र ज़िंदा आंतकी अजमल आमिर कसाब के बयान की ओरिजनल फुटेज देखी है? भारती...
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सामूहिक विवेक की जय हो!

अरसे बाद न्यूज़ चैनलों ने एक ऐसा काम किया है जिसके लिए उनको शाबाशी दी जानी चाहिए। हाल के दिनों में पहली बार उन्होंने ऐसी सामूहिक समझदारी ...
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सास-बहू की टक्कर में उलझे चैनल

टीआरपी की रेस चालू है.. हर हफ्ते की तरह इस हफ्ते भी आंकडे आ गए है और इनमें कोई ज्यादा बदलाव नहीं है.. करीब डेढ साल से टीआरपी के आं...
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हिन्दी धारावाहिकों में फेमिनिज्म का ढोंग

'बालिकावधू' (कलर्स) मेल फेमिनिज्म का कथानक है और 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो' मेल शोवेनिज्म का कथानक है। पुंसवादी स्त्र...
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कायर कौम अमेरिका, फिर काहे ऐंठे मूँछ

साधौ जग बौराना अमेरिका के अटार्नी जनरल एरिक होल्डर का कहना है कि अमेरिकी लोग कायर होते हैं। उनके मुताबिक अमेरिकी कायर इसलिए...
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वह जो आदमी है न

निंदा में विटामिन और प्रोटीन होते हैं. निंदा खून साफ करती है, पाचन-क्रिया ठीक करती है, बल और स्फूर्ति देती है. निंदा से मांसपेशिया...
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हिंदी समय में विचारों की कमी

हिंदी में विचार-विमर्श कितना सुस्त और पिछड़ा हुआ है इसका अंदाज़ा आप किसी सेमिनार, परिचर्चा में जाकर लगा सकते हैं। चिंतन और दर्शन के स्तर...
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